ढोल पीट कर खबरदार किया जा रहा है कि भारतीय मुद्रा का दिन पर दिन घोर पतन हो रहा है।लेकिन एक खबर के अनुसार नेताओं का इस कदर अवमूल्यन हो चुका है कि विदेशों में इनकी डिमांड जीरो हो गयी है।इंडियन एक्सपोटॆ घाटा पूरा करने में इडियन गधों का बङा योगदान है ।आजकल नेताओ के वनिस्पत इंडियन गधौं की बहुत डिमाडं है।एक खोज के अनुसार इंडियन नेता किसी पर भी करप्ट जाते है जबकि गधे करप्टते नही है।
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